उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में कीट/रोग, खरपतवार नियंत्रण योजना को लागू किया। UP Sarkar kitnaasak or kharpatwaar yojana 2022

UP Sarkar kitnaasak or kharpatwaar yojana

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में कीट/रोग, खरपतवार नियंत्रण योजना को लागू किया।

Uttar Pradesh Sarkar kitnaasak or kharpatwaar yojana 2022 : देश में लगभग 135 मिलियन हैक्टेयर भूमि पर खेती की जाती है। इसमें लगभग सभी प्रकार की खेती की जाती है। खेती के क्षेत्र में किसानों को काफी जोखिमों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कृषि उत्पादकता में वृद्धि और खेती से होने वाली आय में बढ़ोत्तरी के लिए केंद्र और राज्य सरकारें नई-नई योजनाओं एवं तकनीक को लाती रहती है। UP Sarkar.

इन नई-नई तकनीक एवं योजनाओं से खेती करने के लिए किसानों को प्रोत्साहित कर रही है। इस कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी सरकार ने राज्य में कृषि क्षेत्र के विकास एवं किसानों का उच्च उत्पादकता, आय और फसल स्वास्थ्य के उचित प्रबंधन के लिए फसल सुरक्षा समाधान को ध्यान में रखते हुए कीट/रोग, खरपतवार नियंत्रण योजना को लागू किया है। योजना के तहत योगी सरकार राज्य के किसानों को फसल सुरक्षा हेतु कृषि खर्च एवं फसल नुकसान में कमी लाने के लिए अनुदान उपलब्ध करा रही हैं। UP Sarkar.

पिछले पांच वर्षों में 11,58,321 किसान लाभान्वित

दरअसल उत्तर प्रदेश राज्य में बड़े पैमाने पर खेती होती है। यहां कुल 25,304 हेक्टेयर भूमि पर खेती की जाती है, जो देश की कुल कृषि योग्य भूमि का 12 प्रतिशत है। प्रदेश में पूरे वर्ष में 3 प्रकार की फसलें (रबी, खरीफ और जायद) पैदा की जातीं हैं। प्रदेश में कुल रोजगार का 59 प्रतिशत कृषि क्षेत्र से मिलता है। उत्तर प्रदेश का देश की कृषि उपज में उल्लेखनीय योगदान करता है। देश के खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश का प्रथम स्थान है। UP Sarkar.

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इस कारण यूपी की योगी सरकार किसानों को खेती की उत्पादकता को ज्यादा से ज्यादा बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। राज्य में कृषि उत्पादकों में वृद्धि एवं फसल सुरक्षा हेतु कृषि खर्च एवं फसल नुकसान में कमी करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसके लिए राज्य सरकर ने वर्ष 2017-18 से वर्ष 2021-22 तक के लिए कीट/रोग, खरपतवार नियंत्रण योजना चलाई गई थी।

योजना के तहत इन पांच वर्षों में उत्तर प्रदेश के 11,58,321 कृषकों को विभिन्न कार्य मदों में लाभान्वित किया गया है। यूपी सरकार ने अब इस योजना को अगले 5 वर्षों के लिए आगे बढ़ा दिया है। योजना का क्रियान्वयन वर्ष 2022-23 से लेकर वर्ष 2026-27 तक किया जाएगा। अगले 5 वर्षों में प्रदेश के किसानों की फसल को नुकसान से बचाने के लिए 192.57 करोड़ रुपए की धनराशि खर्च की जाएगी। इसमें से मौजूदा वित्तीय वर्ष में 34.17 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

रासायनिक दवाओं एवं स्प्रेय र पर किसानों को 50 प्रतिशत का अनुदान 

यूपी की योगी सरकार की ओर से कीट/रोग, खरपतवार नियंत्रण योजना लागू की गई हैं। इस योजना के लिए 19257.75 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश में कीट/रोग, खरपतवार नियंत्रण की योजना 5 वर्षों के लिए लागू की जा रही है। योजना का क्रियान्वयन वर्ष 2022-23 से लेकर वर्ष 2026-27 तक किया जाएगा। UP Sarkar.

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चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में इस योजना के अंतर्गत विभिन्न कार्य मदों में 3417.90 लाख रूपये की धनराशि व्यय की जाएगी। जिसमें किसानों को 1.95 लाख हेक्टेयर भूमि क्षेत्रफल के लिए अनुदान पर कृषि रक्षा रसायन उपलब्ध कराए जाएंगे। इन रसायनों को फसलों पर छिड़काव के लिए आवश्यक कृषि यंत्रों नैपसेक स्प्रेयर, पावर स्प्रेयर आदि पर भी 50 प्रतिशत का अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। वर्ष 2022-23 के लिए 6,000 कृषि रक्षा यंत्र उपलब्ध कराये जाएंगे। इससे किसानों को काफी लाभ होगा। UP Sarkar.

 Uttar Pradesh Sarkar kitnaasak or kharpatwaar yojana 2022 :

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कृषि उत्पादकों में वृद्धि एवं फसल सुरक्षा साधनों पर मिलेगी सब्सिडी 

कृषि मंत्री ने बताया कि मंत्रिपरिषद की बैठक में पारित प्रस्ताव के मुताबिक फसलों को सुरक्षित रखे जाने के लिए कीट/रोग, खरपतवार नियंत्रण योजना को मंजूरी दी है। कीट/रोग नियंत्रण की योजना के तहत किसानों को कीटनाशक तथा कृषि उपकरण उपलब्ध कराये जाएंगे। UP Sarkar.

विभिन्न पारिस्थितिकीय संसाधनों द्वारा कीट/रोग नियंत्रण की अनुमोदित योजना के तहत पर्यावरण संरक्षण व विषरहित खाद्यान्न उत्पादन के लिए बायोपेस्टीसाइडस तथा बायोएजेन्ट्स 75 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएगें। खरपतवार/कीट/रोग के नियंत्रण हेतु एकीकृत नाशजीव प्रबंधन प्रणाली (आई.पी.एम.) को बढ़ावा दिया जा रहा है। UP Sarkar.

इसके लिए प्रदेश में कृषि विभाग द्वारा 09 आई.पी.एम. प्रयोगशालाओं की स्थापना की गई है। इन प्रयोगशालाओं द्वारा बायोपेस्टीसाइड्स जैसे ट्राइकोडरमा, ब्यूवेरिया वैसियाना, एन.पी.वी. एवं बायोएजेंट्स जैसे ट्राइकोग्रामा कार्ड का उत्पादन किया जा रहा है।

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